दिल्ली के कालकाजी इलाके से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक घर के अंदर एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों में मां और उसके दो बेटे शामिल हैं। तीनों के शव कमरे में फांसी के फंदे से लटके मिले।
मानसिक तनाव और डिप्रेशन की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहा था। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें तनाव की बात लिखी गई है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
दोपहर करीब 2:47 बजे कालकाजी थाना पुलिस को एक PCR कॉल मिली, जिसमें आत्महत्या की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम G-70B, कालकाजी स्थित घर पर पहुंची। घर का दरवाजा अंदर से बंद था और कई बार आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला।
घर के अंदर का खौफनाक मंजर
दरअसल, एक कोर्ट बेलिफ पुलिस के साथ घर पर पहुंचा था, जो कोर्ट आदेश के तहत मकान का कब्जा लेने आया था। जब दरवाजा नहीं खुला तो डुप्लीकेट चाबी से घर खोला गया। अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए—
मां और दो बेटे छत के पंखे से फांसी पर लटके हुए थे।
मृतकों की पहचान
पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- अनुराधा कपूर (52 वर्ष)
- आशीष कपूर (32 वर्ष)
- चैतन्य कपूर (27 वर्ष)
तीनों एक ही परिवार के सदस्य थे।
पोस्टमार्टम और जांच जारी
पुलिस ने तीनों शवों को AIIMS की मॉर्चुरी भेज दिया है। मामले में BNSS की धारा 194 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। फॉरेंसिक जांच के साथ-साथ परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति की भी पड़ताल की जा रही है।
मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें
यह घटना एक बार फिर बताती है कि मानसिक स्वास्थ्य कितना गंभीर विषय है। अगर किसी में लंबे समय से तनाव, निराशा या व्यवहार में बदलाव दिखे, तो समय रहते मदद लेना बेहद जरूरी है।
जरूरत हो तो यहां लें मदद
अगर आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति डिप्रेशन या मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।
भारत में उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर:
104 | 9152987821
समय पर मदद कई जिंदगियां बचा सकती है।
